
सन्तोष कुमार सिंह चन्देल
संचालक
उद्बोधन संचालक की ओर से
प्रिय प्रवेशार्थी,
कॉलेज में प्रवेश हेतु आपका स्वागत है। आप अपने वरिष्ठ साथियों के साथ इस विद्या मन्दिर में अध्ययन कर स्वयं को सुशिक्षित एवं सभ्य नागरिक बनाकर स्वअभिलाषित लक्ष्य प्राप्त करें ।
मनुष्य जाति के विकास के लिए शिक्षा सबसे प्रमुख साधन के रूप में हमारे सामने आयी है । यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जो व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन लाकर, उसे समाज का श्रेष्ठ नागरिक बनाती है तथा बुराई से अच्छाई की दिशा में उसे प्रेरित करती है ।
१ विद्यालय वह पवित्र विद्या मन्दिर है, जहाँ जीवन ढलते हैं, यहाँ स्वर्ण की खोज की आवश्यकता नहीं है । जीवन गढ़ने के लिये उद्देश्य पूर्ण शिक्षा की आवश्यकता है, जो केवल कठिन परिश्रम से ही सम्भव है ।
विद्यालय में गुरूजन आपके लिए सपथ प्रदर्शक एवं प्रेरणा श्रोत है, उनके सानिध्य में प्राप्त शिक्षा निश्चित रूप से आपके लिए फलदायी होगी ऐसा मेरा विश्वास है ।
गुरूओं के मार्गदर्शन में रहकर स्वयं को सामाजिक बुराइयों से विरत रखें, विद्यालय के नियम / निर्देशों का अक्षरसः पालन करें, विद्यालय के शैक्षिक वातावरण की शुचिता को बनाये रखें, आपकी समस्याओं के निदान हेतु हम सदा सर्वदा तत्पर है, आपके उज्ज्वल भविष्य की सद्भावना व सकामना के साथ ।
