|| स्मरणीय ||


शासन के आदेशानुसार अब प्रत्येक वर्ष नवीन सत्रारम्भ 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलेगा


1. जिस विद्या मन्दिर के आप पुजारी हैं तो निश्चित है कि वह विद्या मन्दिर आपका है, अतः आपका दायित्व है कि इसकी स्वच्छता बनाये रखने हेतु परिसर में, पान,
पुड़िया, तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट आदि का सेवन कदापि न करें ऐसा करना सर्वथा वर्जित है।

2. बड़ों का सम्मान, वाणी संयम, विनम्रता यह विद्यार्थी का प्रथम कर्तव्य है ।

3. आपके भविष्य की प्रति सबसे आशावादी व शुभचिन्तक माता-पिता व शिक्षक है उनके सानिध्य का लाभ उठायें किसी संशय की स्थिति में उनसे परामर्श लें ।

4. “विनम्रता मनुष्य का आभूषण’ है। अतः अनैतिक कार्यो के कलंक से बचें।

5. विद्यालय में समय से प्रवेश लें तथा परीक्षा फार्म / पंजीकरण फार्म / छात्रवृत्ति फार्म नियत समय पर स्वयं भरें ताकि विलम्ब शुल्क व अन्य तरह की त्रुटियों से बचा जा सके।

6. ‘सूचना पट’ का प्रतिदिन अवलोकन अवश्य करें। जिससे आपको वांछित सूचनायें प्राप्त हो सकें ।

7. परिचय पत्र प्रवेश के साथ ही प्राप्त कर अध्ययन के समय अपने साथ रखें ।

8. परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए 75% उपस्थिति अनिवार्य है ।

9. विद्यालय नियत समय पर उपस्थिति अनिवार्य है, अन्यथा की परिस्थिति में आप स्वयं उत्तरदायी है।

10. प्रत्येक छात्र / छात्रा को विद्यालय की निर्धारित ड्रेस (गणवेश) में विद्यालय में आना
अनिवार्य है।